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सामान्य हिंदीGeneral Hindi

72PYQ 64Abhyas 8
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2024Year 2024
प्रश्न 1Question 1
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए। सही प्रकार का समाजीकरण होने पर समाज के सदस्य सामाजिक नियमों के अनुरूप व्यवहार करते हैं। यदि गलत समाजीकरण हो जाता है तो विपथगामी व्यवहार में वृद्धि होती है। इसलिए समाजीकरण के दायित्व से सम्बन्धित जो व्यक्ति होते हैं उन पर सामाजिक नियंत्रण का बहुत बड़ा दायित्व होता है। बॉटोमोर के अनुसार शिक्षा बच्चे के प्रारम्भिक समाजीकरण का सबसे दृढ़ आधार है। शैक्षिक व्यवस्था नैतिक विचारों को स्पष्ट करके और अंशतः व्यक्ति का बौद्धिक विकास करके सामाजिक नियमन में योगदान देती है। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को समाज की विभिन्न इकाइयों से परिचित करवाना है। शिक्षा का केवल सैद्धान्तिक महत्त्व ही नहीं, अपितु उसकी व्यावहारिक उपयोगिता भी है। सामाजिक नियंत्रण के अन्य साधन जहाँ व्यक्ति को दबावपूर्ण ढंग से सामाजिक नियमों को मानने के लिए बाध्य करते हैं, वहाँ शिक्षा उसे स्वतः आत्म-विश्लेषण द्वारा अप्रभावात्मक ढंग से सामाजिक नियमों का पालन करने की प्रेरणा देती है। एक तो समाजीकरण हमें करणीय व्यवहार की जानकारी कराता है, दूसरे विपथगामी व्यवहार की निन्दा की भी हमसे अपेक्षा रखता है। अतः करणीय व्यवहार के बीच सन्तुलन रखकर समाजीकरण, जो शिक्षा का एक भाग है, समाज में सबसे बड़ी नियंत्रक शक्ति के रूप में कार्य करता है। समाजीकरण हमें अव्यवस्था की अत्यन्त विषम स्थिति से बचाकर सामान्य रूप से सामाजिक क्रियाओं के संचालन में सहायक होता है। परिणामस्वरूप सामाजिक नियंत्रण बना रहता है। शिक्षा का सामाजिक नियंत्रण से दूसरा महत्त्वपूर्ण कार्य हमारे जीवन में ज्ञान का विकास करना है। जब हममें ज्ञान का विकास होगा तब हम इस स्थिति में होंगे कि अच्छे-बुरे, उचित-अनुचित की पहचान कर सकें। जब हम उचित को अनुचित से अलग कर लेंगे तब हम अनुचित व्यवहार को जीवन से हटा देंगे तथा उचित व्यवहार का प्रयोग करेंगे। उचित व्यवहार वही होगा जो सामाजिक मानदण्डों के अनुरूप है। अतः हम ज्ञान के विकास के साथ उचित व्यवहार को समझेंगे तथा उसका पालन करेंगे जिससे सामाजिक नियंत्रण स्वतः बना रहेगा। शिक्षा हमें तर्क प्रदान करती है तथा भावुक, अतार्किक एवं व्यक्तिपरक निर्णयों से मुक्त होने की प्रेरणा देती है। इसलिए हम देखते हैं कि एक अशिक्षित व्यक्ति आवेश में आकर कुछ भी अहित कर बैठता है, जबकि शिक्षित व्यक्ति कठिन-से-कठिन परिस्थिति में भी धैर्यपूर्वक निर्णय लेकर अपने विवेक का परिचय देता है। संक्षेप में, शिक्षा व्यक्ति को आत्म-नियंत्रण सिखाती है। चूँकि व्यक्ति समाज की इकाई है, अतः व्यक्ति के स्तर पर नियंत्रण रहने से सामाजिक नियंत्रण तो स्वतः हो जाता है। (क) उपरिलिखित गद्यांश का आशय अपने शब्दों में लिखिए। (5) (ख) समाजीकरण के लिए सामाजिक नियंत्रण के अन्य साधन से शिक्षा क्यों भिन्न है? (5) (ग) गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए। (20)Comprehension passage and three questions.मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2023Year 2023
प्रश्न 1Question 1
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए— हमारा सांसारिक जीवन एक-न-एक दिन समाप्त होगा, किन्तु हमारी देह संसार और समाज को आलोकित करने वाली मशाल बन सकती है। जीवन निष्प्रयोजन न होकर कर्मठ, ओजस्वी, उत्साहपूर्ण और लोकहितकारी होना चाहिए। स्वार्थपूर्ण कार्य दीपक की भाँति केवल स्वयं को प्रकाश देते हैं; लोकहित में संलग्न जीवन मशाल की तरह दूसरों को प्रभावित और प्रेरित करता है तथा अन्याय-उत्पीड़न के अंधकार में विरोध, आजादी और परिवर्तन का प्रकाश फैला सकता है। (क) गद्य का आशय लिखिए। (ख) “जीवन निष्प्रयोजन नहीं होना चाहिए” का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए। (ग) रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए।Read the passage on purposeful and public-oriented life, then state its meaning, explain the expression “life should not be purposeless,” and interpret the underlined lines.मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2022Year 2022
प्रश्न 1Question 1
दिये गये गद्यांश को पढ़कर (क) भावार्थ, (ख) राजनीति की भाषा का लक्ष्य, और (ग) रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या लिखिए। गद्यांश साहित्य और राजनीति की भाषा के भेद, साहित्यकार की स्वतंत्र पहचान तथा सत्य और प्रामाणिकता की रक्षा पर केन्द्रित है।Read the passage and write (a) its gist, (b) the objective of political language, and (c) an explanation of the underlined lines. The passage contrasts literary and political language and stresses the writer’s independent identity and fidelity to truth.मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2021Year 2021
प्रश्न 1Question 1
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए: किसी परिमित वर्ग के कल्याण से संबंध रखने वाले धर्म की अपेक्षा विस्तृत जनसमूह के कल्याण से संबंध रखने वाला धर्म उच्च कोटि का है। धर्म की उच्चता उसके लक्ष्य के व्यापकत्व के अनुसार समझी जाती है। गृहधर्म या कुलधर्म से समाजधर्म श्रेष्ठ है, समाजधर्म से लोकधर्म, लोकधर्म से विश्वधर्म, जिसमें धर्म अपने शुद्ध और पूर्ण स्वरूप में दिखाई पड़ता है। यह पूर्ण धर्म अंगी है और शेष धर्म अंग। पूर्ण धर्म, जिसका संबंध अखिल विश्व की स्थिति-रक्षा से है, वस्तुतः पूर्ण पुरुष या पुरुषोत्तम में ही रहता है, जिसकी मार्मिक अनुभूति सच्चे भक्तों को ही हुआ करती है; इसी अनुभूति के अनुरूप उनके आचरण का भी उत्तरोत्तर विकास हो जाता है। गृहधर्म पर दृष्टि रखने वाला किसी परिवार की रक्षा देखकर, वर्गधर्म पर दृष्टि रखने वाला किसी वर्ग या समाज की रक्षा देखकर और लोकधर्म पर दृष्टि रखने वाला लोक या समस्त मनुष्य-जाति की रक्षा देखकर आनंद का अनुभव करता है। पूर्ण या शुद्ध धर्म का स्वरूप सच्चे भक्त ही अपने और दूसरों के सामने लाया करते हैं, जिनके भगवान पूर्ण धर्मस्वरूप हैं। अतः वे कीट-पतंग से लेकर मनुष्य तक सब प्राणियों की रक्षा देखकर आनंद प्राप्त करते हैं। विषय की व्यापकता के अनुसार उनका आनंद भी उच्च कोटि का होता है। उच्च से उच्च भूमि के धर्म का आचरण अत्यंत साधारण कोटि का हो सकता है। इसी प्रकार निम्न भूमि के धर्म का आचरण उच्च से उच्च कोटि का हो सकता है। गरीबों का गला काटने वाले चींटियों के बिलों पर आटा फैलाते देखे जाते हैं; अकाल-पीड़ितों की सहायता में एक पैसा चंदा न देने वाले अपने डूबते मित्र को बचाने के लिए प्राण संकट में डालते देखे जाते हैं। (क) प्रस्तुत गद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए। (ख) धर्म समाज का कल्याण कैसे करता है? इसे गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (ग) उपर्युक्त गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए।Read the following passage on the hierarchy of dharma—from family duty to universal welfare—and answer: (a) write its central idea in your own words; (b) explain, from the passage, how dharma promotes social welfare; (c) explain the underlined sentences.मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2020Year 2020
प्रश्न 1Question 1
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिये। भारत, प्रकृति की संसार में सबसे बड़ी लीला भूमि है। यहाँ सभी ऋतुएँ-किसी न किसी भाग में एक साथ मौजूद रहती हैं नदी, पर्वत, वन और अन्नपूर्णा धरती से, भारतीय साहित्य का सदा से गहरा संबंध रहा है। क्योंकि उसने प्रकृति से अपनी सहधर्मिता और सहअस्तित्व को पहचाना है। भारत की पहली कविता ही पशु-पक्षी की हिंसा के विरूद्ध जन्मी थी। कवियों ने प्रकृति की हल्की से हल्की धड़कन और कंपन को महसूस किया है। आदिकवि वाल्मीकि जानते हैं कि कड़कड़ाती ठंड में जलचर हंस कैसे संभल कर, डरकर ठंडे पानी में पैर डालते हैं? कालिदास को पता है कि अनुकूल मंद-मंद पवन यात्रा का शुभ शुकुन हैं प्रेमचंद के बैल अपनी व्यथा-कथा हमारे कान में कह जाते हैं। प्रसाद की प्रकृति हमें अतिवाद के प्रति सावधान करती है। रचनाकार तो मनुष्य की संवेदना का प्रतीक भी है और प्रहरी भी। प्रकृति से उसका साहचर्य और संवाद मनुष्य से प्रकृति के संवाद और साहचर्य का प्रतीक है। इस तरह अंत: प्रकृति और वाह्यप्रकृति के सहारे निरंतर परिष्कृत, सरल और प्रांजल बनती है। आज प्रकृति के प्रति हिंस और विसंवादी होकर हमने क्या पाया है- तरह तरह के शारीरिक, मानसिक रोग, एक संकीर्ण और विकृत अंत:करण, एक संवेदनहीन आत्मकेंद्रित जगत और चारों तरफ प्रदूषण का तांडव-जो अंतत: हमारा विनाश ही करेगा। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि पहाड़ और समुद्र को देखने भर से मनुष्य का हृदय विशाल होता है- तो यदि वे हमारे मन में ही बस जाएँ, तो हम कितने विराट और उदात्त हो सकेंगे? यह जान लेना जरूरी है कि प्रकृति मनुष्य का प्रतिपक्ष नहीं है, वह उसकी सहचरी है। जो रहस्य खोजे गए हैं- वे खोजने के लिये ही उसने बचाए हैं, ताकि मनुष्य का कृतित्व अकारथ न हो, उसका पौरूष हीनता-बोध में ना बदल जाए। (d) प्रस्तुत गद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिये। 5 (ख) मनुष्य और प्रकृति के आपसी रिश्ते को गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिये। 5 (ग) उपर्युक्त गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिये।मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2019Year 2019
प्रश्न 1Question 1
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और (क) भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए, (ख) गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि जीवन किस स्थिति में रहने योग्य बनता है, तथा (ग) रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए।मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
PYQमुख्य परीक्षाMainsवर्ष 2018Year 2018
प्रश्न 1Question 1
दिए गए गद्यांश को पढ़कर उत्तर दीजिए: (क) गद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए। (ख) गद्यांश के आधार पर साहित्य के लक्ष्य पर विचार कीजिए। (ग) रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए।Read the passage and answer: (a) write its central meaning in your own words; (b) discuss the objective of literature on the basis of the passage; and (c) explain the underlined lines.मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer
अभ्यासAbhyasमुख्य परीक्षाMains
प्रश्न 1Question 1
अपठित गद्यांश-I गद्यांश: डिजिटल तकनीक ने नागरिक और शासन के बीच की दूरी घटाई है। प्रमाण-पत्र, शिकायत, छात्रवृत्ति, पेंशन और कर-भुगतान जैसी अनेक सेवाएँ अब घर बैठे उपलब्ध हैं। इससे समय और धन की बचत हुई है, परन्तु सुविधा के साथ उत्तरदायित्व भी बढ़ा है। बिना जाँचे संदेश आगे भेजना, किसी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक करना अथवा झूठे चित्र और वीडियो प्रसारित करना केवल असावधानी नहीं, सामाजिक हानि का कारण भी बन सकता है। डिजिटल संसार में शब्द बहुत तीव्र गति से फैलते हैं; अतः एक क्षण की उत्तेजना वर्षों की प्रतिष्ठा नष्ट कर सकती है। स्वस्थ डिजिटल नागरिकता का आधार विवेक, सत्यापन, मर्यादा और गोपनीयता का सम्मान है। नागरिक को यह समझना चाहिए कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता निरंकुशता नहीं है। असहमति व्यक्त की जा सकती है, किन्तु अपमान, धमकी और घृणा का सहारा लिए बिना। शासन की भी जिम्मेदारी है कि सेवाएँ सरल हों, डेटा सुरक्षित रहे और जिन लोगों के पास स्मार्टफोन या डिजिटल ज्ञान नहीं है, उनके लिए सहायता-केंद्र उपलब्ध हों। तकनीक तभी लोकतांत्रिक बनेगी, जब वह सुविधा के साथ समान अवसर, जवाबदेही और मानवीय गरिमा को भी सुदृढ़ करे। (क) गद्यांश का आशय अपने शब्दों में लिखिए। [5] (ख) स्वस्थ डिजिटल नागरिकता के चार आधार बताइए। [5] (ग) निम्नलिखित भावों की व्याख्या कीजिए— (i) “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता निरंकुशता नहीं है।” (ii) “तकनीक तभी लोकतांत्रिक बनेगी, जब वह सुविधा के साथ समान अवसर, जवाबदेही और मानवीय गरिमा को भी सुदृढ़ करे।” [20]मुख्य परीक्षा अभ्यास उत्तर हेतु प्रवेश करेंSign in for answer

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